मैं एक नेटवर्क मार्केटिंग मे था| मैं मिडल क्लास परिवार से हु| मैं सुबह 6 बजे उठता हु उसके बाद जीम जाता हू और उसके बाद तैयार होके दुकान जाता था| मेरे चाचा जी की दुकान है मैं वही रहता था मैंने 3 साल वही दुकान मे निकाले उसके बाद सोच रहा था कि खुदका कुछ बिजनेस करू पर घर वालों ने साथ नहीं दिया उसके बाद मुझे नेटवर्किंग मे ऑफर आया मैं वहां चाला गया घर से 1000km दुर वहां मुझे बहोत अच्छा लगता था वहां मुझे बहोत कुछ सीखने को भी मिला मैंने 1 बार टीम बनाई परंतु कुछ कारण की वजह से मेरी टीम टूट गई उसके बाद मैंने हिम्मत नहीं हारी और एक बार टीम बनाई फिर कुछ दिनों के बाद वह भी टीम घर चली गई मैं और उदास बैठा था मैंने सोचा कि आप मुझसे नहीं होगा मेरे जो सर थे उन्होंने मुझे बोला हिम्मत मत हार और एक बार ट्राई कर मैंने और एक बार कोशिश की और एक बार टीम बनाई और टीम बहुत बड़ी हो गई थी परंतु कुछ परेशानी की वजह से और एक बार टीम घर चली गई मैंने तो हार मान गया था फिर और एक बार सोचो कि नहीं घर के हालात सुधारने के लिए मुझे कुछ करना पड़ेगा फिर और एक बार मैं खड़ा हुआ और एक बार टीम बनाया ओ टीम काम तो कर रहे थे परंतु नेटवर्क मार्केटिंग में जो काम करेगा उसी को पैसा मिलता है जो पेशंस रखेगा उसी के सपने पूरे होते हैं यह बात तो सच है टीम में कुछ कुछ लड़कों के पास में पेशंस था और कुछ कुछ लड़कों के पास में नहीं था| लड़कों को पैसा नहीं मिलता था तो लड़के छोड़ कर चले जाते थे तो बाद में मैं और परेशान हो गया था फुल टीम घर चली गई थी मेरा दिमाग काम करना बंद कर दिया था ऊपर से घर घर वाले बोल रही थी कि तू कुछ भी कर पर तो काम मत कर ढाई साल हो गए कब तक अपनी जिंदगी तो वहां पर गुजारे कभी-कभी तो मुझे एक टाइम का खाना मिलता था वहां पर मैं कभी-कभी दोनों टाइम खाना भी नहीं खाया था उसके बाद मैंने फैसला किया नेटवर्क मार्केटिंग इंडस्ट्री बहुत अच्छी है जो पेशंस रखता है| उसके सपने पूरे हो जाते हैं फिर मैंने नेटवर्क मार्केटिंग बीच से ही छोड़ दिया वहां से निकलने के बाद मैंने फैसला किया घर जाने के बाद में भी मैं कुछ भी कौन सा भी बिजनेस ही करूंगा| तो ये थी मेरी कहानी!||
Meri kahani
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